Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Monitor 24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Monitor 24
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»करोड़ों की राशि वसूलने में कोताही बरत रहे खनिज विभाग के अफसर
    मध्यप्रदेश

    करोड़ों की राशि वसूलने में कोताही बरत रहे खनिज विभाग के अफसर

    News DeskBy News DeskDecember 27, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    करोड़ों की राशि वसूलने में कोताही बरत रहे खनिज विभाग के अफसर
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    हाईकोर्ट से मामले का छह माह पूर्व हुआ पटाक्षेप, लेकिन अफसर मूकदर्शक की भूमिका में, ईओडब्ल्यू एवं कलेक्टर का आदेश भी ठंडे बस्ते में

    भोपाल । प्रदेश सरकार की पारदर्शिता पूर्ण कार्य प्रणाली एवं अवैध खनन को रोकने की मंशा को खनिज विभाग के अफसर ही पलीता लगा रहे हैं। प्रदेश में कई जगह अवैध उत्खनन बदस्तूर जारी है, इसके बावजूद खनन माफिया पर खनिज विभाग के अफसर मेहरबान नजर आ रहे हैं। कटनी जिला में खनिज विभाग में पदस्थ जिम्मेदार अफसर तकरीबन ड़ेढ दशक बीत जाने के बाद भी खनन ठेकेदार से रायल्टी क्लियरेंस की राशि 7 करोड़ 31 लाख 56 हजार रूपए नहीं वसूल सके है।
    उक्त मामलें में कलेक्टर कटनी ने 2009 में उक्त राशि वसूल किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। लेकिन विभाग के अफसर अब तक राशि वसूलने में नाकामयाब रहे। हालांकि मामला स्पेशल कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक पहुंचा। खनन ठेकेदार की रिवीजन पिटीशन भी खारिज हुए तकरीबन 6 माह का समय बीत चुका है। सूत्रों के अनुसार  विभाग के अफसरों ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की।

    यह है मामला
    कटनी के खनन ठेकेदार मेसर्स केशव प्रसाद अवस्थी के खिलाफ गोपनीय शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू की जबलपुर ईकाई के पत्र के आधार पर कलेक्टर खनिज शाखा ने स्वीकृत गिट्टी खदानों एवं खुदरा बाजार में विक्रय किये गये खनिज से जमा रायल्टी के क्लियरेंस सर्टीफिकेट की जांच की। जांच के बाद कलेक्टर कटनी ने जो आदेश जारी किया उसमें उल्लेखित किया गया है कि ठेकेदार मेसर्स केपी अवस्थी द्वारा रेल्वे विभाग को प्रस्तुत रायल्टी क्लियरेंस सर्टीफिकेट का परीक्षण, अभिलेखों के परीक्षण किये जाने के बाद पाया गया कि प्रस्तुत 02 रायल्टी क्लियरेंस सर्टीफिकेट पत्र क्रमांक 119 दिनांक 07.01.2003/07.01.2004 तथा पत्र क्रमांक 2587 दिनांक 15.07.2008 सही पाये गये है। शेष 07 रायल्टी क्लियरेंस सर्टीफिकेट कार्यालय द्वारा जारी नहीं पाये गये है। हालांकि जिला कार्यालय के पत्र के जबाव में ठेकेदार ने उक्त रायल्टी क्लियरेंस फर्जी नहीं है ऐसा बताया था। कलेक्टर के आदेश में यह भी उल्लेखित किया गया कि अनावेदक मेसर्स केपी अवस्थी द्वारा रेल्वे विभाग को सप्लाई किये गये खनिज की मात्रा के संबंध में समाधान कारक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया कि रेल्वे में सप्लाई किया गया खनिज किन स्रोतों से प्राप्त  किया गया है। एवम वह  खनिज रायल्टी भुगता शुदा है तथा उसके द्वारा फर्जी रायल्टी क्लियरेंस सर्टीफिकेट के आधार पर रायल्टी क्यों प्राप्त किया गया। उपरोक्त परिस्थितियों के आधार पर यह स्पष्ट है कि अनावेदक का कृत्य मप्र गौण खनिज नियमावली 1996 के नियम 53‘1’ एवम ‘5’ का स्पष्ट उल्लंधन है।

    रेल्वे को प्रदाय की गई रायल्टी में हुआ घालमेल
    कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में मेसर्स केपी अवस्थी द्वारा कुल खनिज 2,99,302.014 घनमीटर में से 23,528.891 घन मीटर की रायल्टी जो जमा है को कम करते हुए शेष प्रदाय किया गया खनिज 2,74,773.123 घन मीटर के स्वामित्व की दस गुना राशि खनिज मद में जमा करने का आदेश जारी किया गया। इसके अलावा कुल कुल रशि सात करोड़ इक्तीस लाख छप्पन हजार एक सौ साठ रूपये की वसूल करने के आदेश दिए।

    5.21 करोड़ की वसूली में हो रही हिलाहवाली
    खनिज विभाग के जिम्मेदार अफसरों एवं ठेकेदार के गठजोड़ के चलते अफसर रायल्टी क्लियरेंस की राशि जमा करवाने में हिला-हवाली कर रहे है। जब कि पूर्व में उक्त मामलें में ठेकेदार ने कटनी स्पेशल कोर्ट की षरण ली थी। स्पेशल कोर्ट ने धारा 309 की एप्लीकेशन खारिज कर दी थी। उक्त अपील के बाद ठेकेदार हाईकोर्ट में गया चूंकि ठेकेदार द्वारा जो रिविजन पीटिशन लगाई थी। उसे भी मई 2024 में हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। तकरीबन 6 माह बीत जाने के बाद भी अफसर मूक दर्शक की भूमिका में नजर आ रहे है।  

    अधिकारियों ने नहीं उठाया मोबाइल
    कलेक्टर एवं प्रभारी खनिज अधिकारी एसडीएम से उक्त प्रकरण में क्या प्रगति हुई। उसे जानने के लिए मोबाइल लगाया, लेकिन तीनों अधिकारियों ने मोबाइल ही नहीं उठाया।

    इनका कहना है
    वसूली की कार्यवाही जिला कार्यालय से होती है। मेरी जानकारी में उक्त प्रकरण नहीं है। आपने बताया है तो में दिखवा लेता हूं।
    जेके सोलंकी, डिप्टी डायरेक्टर, संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, भोपाल

    News Desk

    Related Posts

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025

    राज्यपाल रमेन डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय में निर्मित असम के प्रसिद्ध साहित्यकार के कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण…..

    November 18, 2025

    रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    November 18, 2025

    उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    November 18, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.