Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Monitor 24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Monitor 24
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश» 22 जिलों में बेमौसम बारिश से 9.52 लाख मीट्रिक टन धान भीगा
    मध्यप्रदेश

     22 जिलों में बेमौसम बारिश से 9.52 लाख मीट्रिक टन धान भीगा

    News DeskBy News DeskDecember 29, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
     22 जिलों में बेमौसम बारिश से 9.52 लाख मीट्रिक टन धान भीगा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    सीएम के निर्देंश का लापरवाह अधिकारियों पर नहीं हुआ असर 

    भोपाल । मध्य प्रदेश के 22 जिलों में बेमौसम बारिश से 9.52 लाख मीट्रिक टन धान प्रभावित हुआ है, इससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जाहिर की जा रही है। यह धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया था, और इस धान को सुरक्षित भंडारण या शीघ्र परिवहन की आवश्यकता थी। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण धान का सुरक्षित परिवहन और भंडराण संभव नहीं हो सका। इसकारण बैमौसम बारिश से ये धान प्रभावित हो गया। प्रदेश के जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, सतना, सिंगरौली, मैहर, सागर, अनूपपुर, मंडला जैसे 22 जिलों में शुक्रवार से शनिवार शाम तक हुई बेमौसम बारिश से करीब 9.52 लाख मीट्रिक टन धान भीग गई। जबलपुर में हालात यह हो गई कि मोटर पंप लगाकर पानी से स्टॉक बचाने की नौबत आ गई। यदि और बारिश हुई, तब धान का खराब होना तय माना जा रहा है। इससे मोहन सरकार को करोड़ों का नुकसान होगा। यह धान समर्थन मूल्य पर खरीदी गई थी, जिसे शेड के नीचे रखना था या खरीदी के तुरंत बाद परिवहन करना था। लेकिन अफसरों ठेकेदारों की लापरवाही के चलते ये दोनों काम नहीं हो सके। अब एक जनवरी तक खरीदी स्थगित रहेगी। उधर, खरीदी के लिए नोडल एजेंसी नागरिक आपूर्ति निगम और ठेकेदारों के बीच कहा-सुनी शुरू हो गई है। धान भीगने के मामले में एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की खानापूर्ति हो रही है। यह स्थिति तब है जब पिछली बार सरकारी दाम पर खरीदा गया गेहूं भी लापरवाही के चलते भीग गया था, इसके बाद में उस गेहूं को सुखाना पड़ा था। हजारों मीट्रिक टन गेहूं तब भी खराब हो गया था, खराब हुए गेहूं को तब शराब कारोबारियों को बेचा गया था। सरकार के सूत्रों ने बताया कि गुरुवार शाम तक 24.84 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने सफाई दी है कि गोदामों में बनाए खरीदी केंद्रों के बाहर 1.41 लाख, समिति स्तर पर केंद्रों के बाहर 6.41 लाख और वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन व एफसीआई गोदामों के बाहर 1.70 लाख मीट्रिक टन धान रखा है। हालांकि अधिकारी इस धान के भीगने की पुष्टि नहीं कर रहे। दरअसल जब से प्रदेश में धान खरीदी शुरू हुई तब सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सचेत किया था कि खरीदी के साथ-साथ परिवहन पर भी जोर दे, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। चार दिन पहले से मौसम खराब हुआ था, तब भी परिवहन की गति नहीं बढ़ाई। यहां तक कि पिछली बार रबी की गेहूं फसल केंद्रों पर खराब हुई थी उस घटना से भी सबक नहीं लिया।

     

    प्रमुख जिले और हालात:
    जबलपुर:
    प्रदेश के जबलपुर में 1.94 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई, लेकिन 17 हजार मीट्रिक टन धान भीग गई।
    रीवा: प्रदेश के रीवा में 50 प्रतिशत से अधिक धान भीग चुकी है। वहीं 1.13 लाख क्विंटल धान खुले में पड़ी है।
    पन्ना: वहीं प्रदेश के पन्ना जिले के 41 खरीदी केंद्रों में डेढ़ लाख क्विंटल धान प्रभावित। 2 लाख क्विंटल धान खुले में पड़ा हुआ है। इसके भी बारिश होने पर भीगने की आशंका है। 
    अनूपपुर: प्रदेश के अनूपपुर जिले में 2.47 लाख क्विंटल धान अब भी खुले में रखी है।
    सिंगरौली: वहीं सिंगरौली में प्रशासन के आला अधिकारियों के हवाले से बताया गया हैं कि 6 लाख क्विंटल धान भीगने की खबर।

    लापरवाही के कारण: सीएम के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद खरीदी के साथ-साथ परिवहन पर ध्यान नहीं दिया गया। मौसम पूर्वानुमान के बावजूद घान परिवहन की धीमी गति से उठाव किया। गोदाम और शेड्स की अपर्याप्त व्यवस्था।

    फसल पर प्रभाव: इस बारे में किसानों का कहना है कि धान के भीगने से चावल की गुणवत्ता और स्वाद में फर्क पड़ता है। सुखाने के बाद भी चावल टूटने की समस्या होती है।

    भविष्य की योजना: खरीदी केंद्रों पर भंडारण और परिवहन की कुशल व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मौसम खराब होने पर भी फसलों का तत्काल भंडारण कर सके। मौसम आधारित प्रबंधन के लिए तकनीकी उपाय किए जाए, ताकि भविष्य में इसतरह से फसलों का नुकसान होने से बचा सके। 

    News Desk

    Related Posts

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025

    राज्यपाल रमेन डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय में निर्मित असम के प्रसिद्ध साहित्यकार के कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण…..

    November 18, 2025

    रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    November 18, 2025

    उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    November 18, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.