Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Monitor 24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Monitor 24
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»अधिक राशि लौटाओ वरना अगले वर्ष बजट नहीं देंगे
    मध्यप्रदेश

    अधिक राशि लौटाओ वरना अगले वर्ष बजट नहीं देंगे

    News DeskBy News DeskJanuary 17, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    अधिक राशि लौटाओ वरना अगले वर्ष बजट नहीं देंगे
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल। संचित निधि खाते से जरूरत से अधिक राशि निकालने वाले निगम-बोर्ड और मंडलों की परेशानी बढऩे वाली है। इसको लेकर वित्त विभाग ने निर्देश जारी किया है कि संचित निधि की ज्यादा राशि निकालने वाले निगम-बोर्ड और मंडलों ने जो अधिक राशि निकाली है उसे लौटाएं, वर्ना अगले वर्ष उन्हें बजट नहीं दिया जाएगा। वित्त विभाग के इस निर्देश से निगम-मंडलों में हडक़ंप मचा हुआ है। अब उन पर उक्त राशि लौटाने का दबाव है। प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी ने कहा है कि तय समय सीमा में राशि वापस नहीं लौटाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आएगा। ऐसी स्थिति न बने, इसलिए समय-समय पर प्रशासकीय विभाग और विभाग अध्यक्ष निगम, मंडलों की आय व्यय की समीक्षा करें।
    गौरतलब है कि प्रदेश के निगम, मंडल और बोर्ड के अफसरों ने सरकार के संचित निधि खाते से जरूरत से अधिक राशि निकाल ली है। इस पर वित्त विभाग ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि प्रदेश के निगम, मंडल, बोर्ड और समितियों के अधिकारी जरूरत से अधिक राशि बैंक खातों में नहीं जमा रख सकेंगे। सरकार के संचित निधि (कंसोलिडेटेड फंड) के खाते से निकाली गई रकम को वापस संचित निधि खाते में जमा करना होगा। अगर किसी अधिकारी द्वारा इसका पालन नहीं किया गया तो अगले वित्त वर्ष में बजट आवंटन नहीं किया जाएगा। विभागों के बजट नियंत्रण अधिकारी पूरे मामले का रिव्यू करेंगे। देखेंगे कि संचित निधि खाते से निकाली गई रकम की क्या वास्तव में जरूरत थी। ऐसा नहीं होने पर शेष राशि लौटाना होगी, अन्यथा वित्तीय अनियमितता के लिए संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा।

    वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश
    प्रदेश के सभी विभागों, राजस्व मंडल अध्यक्ष, संभागायुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को वित्त विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार राज्य की संचित निधि से निकाल कर बैंक खातों में जमा की गई आवश्यकता से अधिक शेष राशि वापस संचित निधि खाते में जमा करना है। वित्त विभाग ने कोषालय संहिता 2020 के नियम-7 के साथ ही सहायक नियम-153 और एमपी वित्त संहिता भाग-1 के नियम-6 का हवाला दिया है। इसके अनुसार संचित निधि की राशि इस तरह से निकालकर बैंक खातों में जमा करना वर्जित है। इसमें सिर्फ उन योजनाओं को ही अलग रखा गया है, जो केंद्र प्रवर्तित हैं और केंद्र क्षेत्रीय योजनाओं से संबंधित हैं। इनके लिए स्टेट नोडल एजेंसी या सेंट्रल नोडल एजेंसी के पक्ष में खोले गए बैंक खातों में राशि रखी जाने की व्यवस्था तय है।

    आय-व्यय की जांच करें अफसर
    प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी ने कहा है कि तय समय सीमा में राशि वापस नहीं लौटाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आएगा। ऐसी स्थिति न बने, इसलिए समय-समय पर प्रशासकीय विभाग और विभागाध्यक्ष निगम, मंडलों की आय- व्यय की समीक्षा करें। बजट नियंत्रण अधिकारी निगम, मंडल के बैंक खातों का रिव्यू कर यह क्लियर करेंगे कि क्या वास्तव में राशि का आगामी आहरण किया जाना जरूरी है। इसके लिए अधिकारी की संतुष्टि के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आधार पर ही राशि निकाली जा सकेगी और निगम, मंडल व बोर्ड के खाते में ट्रांसफर हो सकेगी। वित्त विभाग ने 31 जनवरी तक बैंक खातों में जमा राशि की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। रस्तोगी ने ऐसी स्थिति का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही भी करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में संबंधित विभाग के सचिव द्वारा वित्त विभाग को 5 अप्रेल 2025 तक पूरी जानकारी दी जाएगी। इन निर्देशों के पालन के बाद ही वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संबंधित बजट नियंत्रण अधिकारी को बजट आवंटन किया जा सकेगा और ऐसी स्थिति के लिए संबंधित अधिकारी खुद जिम्मेदार होंगे।

    इन निर्देशों का पालन करना जरूरी
    बजट नियंत्रण अधिकारी अपने विभाग तथा अधीनस्थ संस्थानों के अंतर्गत 31 जनवरी 2025 तक सभी बैंक खातों में जमा राशि की समीक्षा करेंगे। वित्त वर्ष 2024-25 की शेष अवधि के लिए इन बैंक खातों में आवश्यक राशि होने पर संबंधित योजना के लिए बजट आवंटन उपलब्ध होने पर भी राशि नहीं निकाली जा सकेगी। वित्त वर्ष 2024-25 की शेष अवधि और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बैलेंस राशि 31 मार्च 2025 के पहले साइबर कोषालय के माध्यम से संचित निधि में जमा करना होगा। वित्त विभाग के निर्देश में निगम, मंडल, बोर्ड और समिति के लिए एक फार्मेट भी जारी किया गया है। जिसमें बैंक खातों में आवश्यकता से अधिक रखी गई रकम को राज्य शासन के संचित निधि में जमा कराने के लिए प्रमाण पत्र के रूप में देना है। इसमें निगम, मंडल, बोर्ड, समिति अपना नाम और पता बताने के साथ बैंक खाता और आईएफएससी कोड भी बताएंगे। साथ ही बैंक का नाम, उसमें अपडेट राशि (लाख रुपए में) बतानी होगी। जो राशि जमा नहीं की जाएगी उसका भी प्रमाण पत्र देना होगा कि किस कारण से राशि जमा कराना अपेक्षित नहीं है।

    News Desk

    Related Posts

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025

    राज्यपाल रमेन डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय में निर्मित असम के प्रसिद्ध साहित्यकार के कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण…..

    November 18, 2025

    रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    November 18, 2025

    उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    November 18, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    May 2026
    M T W T F S S
     123
    45678910
    11121314151617
    18192021222324
    25262728293031
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.