Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Monitor 24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Monitor 24
    Home»विदेश»‘दिल पर एक मुक्के ने ली नवलनी की जान’, शातिर KGB की पुरानी तकनीक; जिसका पुतिन भी रहे हिस्सा…
    विदेश

    ‘दिल पर एक मुक्के ने ली नवलनी की जान’, शातिर KGB की पुरानी तकनीक; जिसका पुतिन भी रहे हिस्सा…

    By February 25, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ‘दिल पर एक मुक्के ने ली नवलनी की जान’, शातिर KGB की पुरानी तकनीक; जिसका पुतिन भी रहे हिस्सा…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े दुश्मन एलेक्सी नवलनी की जेल में मौत के एक हफ्ते बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।

    रूस में नवलनी के समर्थक काफी दिनों से सोशल मीडिया के जरिए शव की मांग कर रहे थे।नवलनी के घऱवाले गुप्त अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं, जैसा कि उन्हें सरकार द्वारा बताया जा रहा है।

    इस बीच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि रूस के सबसे बड़े विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की ‘दिल पर एक ही मुक्का मारकर जान ली गई’।

    ऐसा दावा है कि यह रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक पुरानी तकनीक है। केजीबी दुनिया में जासूसी इतिहास में सबसे खूंखार एजेंसी है, जिसका कभी व्लादिमीर पुतिन भी हिस्सा रहे हैं। 

    व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े आलोचक और रूस में सबसे बड़े विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की एक सप्ताह पहले आर्कटिक दंड कॉलोनी में मृत्यु हो गई थी।

    रूस की तरफ से ऐसा बताया जरूर गया लेकिन, लोगों का मानना है कि नवलनी की मौत 16 फरवरी से पहले ही हो गई थी। यह बात इसलिए राज रखी गई ताकि जेल से सारे सबूत मिटा दिए जाएं। नवलनी 30 साल से अधिक समय से जेल की सजा काट रहे थे।

    दिल पर मुक्का मारकर ले ली जान
    मानवाधिकार समूह गुलगु.नेट के संस्थापक व्लादिमीर ओसेकिन ने एक स्रोत का हवाला देते हुए टाइम्स ऑफ लंदन को बताया, “नवलनी की हत्या दिल पर मुक्का मारकर ली गई होगी। यह केजीबी के विशेष बल डिवीजनों की एक पुरानी पद्धति है।”

     ओसेकिन ने कहा, “उन्होंने ऐसा करने से पहले नवलनी को काफी प्रताड़ित किया होगा और उसे कमजोर करने की सारी कोशिशें की गई ताकि एक ही झटके में नवलनी को मार दिया जाए।” ऐसा दावा है कि इसके लिए पहले नवलनी को जीरो डिग्री से नीचे तापमान में घंटो रखा गया होगा, खाना नहीं दिया गया। शरीर इतना कमजोर हो गया होगा कि एक झटके से दिल का दौरा आ जाए।

    KGB की पुरानी तकनीक
    केजीबी सोवियत रूस के इतिहास में सबसे खतरनाक सुरक्षा एजेंसी रही। इसे आधिकारिक तौर पर 3 दिसंबर, 1991 को भंग कर दिया गया था।

    बाद में इसे नया नाम एसवीआर दिया गया जो बाद में संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) बन गई। केजीबी के बारे में कहा जाता है कि यह दुनिया की सबसे खूंखार और खतरनाक खुफिया एजेंसी थी।

    द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्टालिन को अमेरिका समेत मित्र देशों की सेना की सभी हरकतें पता होती थी, यह सब केजीबी के मजबूत सुरक्षा तंत्र से मुमकिन था। ऐसा माना जाता था कि केजीबी के एजेंट दुनिया के हर कोने में किसी न किसी रूप में मौजूद हैं।

    पुतिन भी रहे केजीबी का हिस्सा
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी केजीबी का हिस्सा रहे हैं। ऐसा बताया जाता है कि उन्होंने 16 साल की उम्र में पहली बार केजीबी के ऑफिस जाकर एजेंसी जॉइन करने की पेशकश की थी। तब उन्हें बताया गया कि इसके लिए आपके पास डिग्री होनी चाहिए या सेना में कार्य अनुभव। पुतिन 1971 से 1985 तक केजीबी में सेवारत रहे। 

    नवलनी के शरीर में चोट के गहरे निशान
    एक रिपोर्ट के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन के सबसे मुखर आलोचक के शरीर पर “चोट के निशान” थे। सूत्रों का कहना है कि जेल में मरने वालों के शवों को आमतौर पर सीधे विदेशी चिकित्सा ब्यूरो में ले जाया जाता है, “लेकिन उनके शरीर को किसी कारण से अस्पताल में ले जाया गया।” उन्होंने कहा कि उसके शरीर पर “चोट के निशान” उन निशानों से मिलते जुलते हैं जो दौरे के दौरान जान पड़ते हैं। 

    पुतिन पर हत्या करवाने के आरोप
    नवलनी के परिवार और समर्थकों ने पुतिन पर उनकी हत्या कराने का आरोप लगाया है। उधर, क्रेमलिन ने इन आरोप को खारिज कर दिया है। उधर, पुतिन, जिन्होंने अपने भाषणों में कभी नवलनी का उल्लेख नहीं किया, ने अभी तक उनकी मृत्यु पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

    नवलनी की मौत पर रूस क्या कहता है
    रूसी अधिकारियों के अनुसार, नवलनी “उस दिन टहलने के बाद अचानक अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। तुरंत ही होश खो बैठे”। उन्होंने दावा किया, “नवलनी को होश में लाने के लिए पूरे प्रयास किए गए लेकिन, वो सब प्रयास काम नहीं आए। इसके बाद एम्बुलेंस के डॉक्टरों ने नवलनी की मौत की पुष्टि की।

    Related Posts

    पाकिस्तान के खैबर प्रांत में सैन्य काफिले पर आत्मघाती हमला, 13 सैनिकों की मौत, 29 घायल

    June 28, 2025

    टैरिफ पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, स्मार्टफोन और लैपटॉप को टैरिफ से दी छूट

    April 13, 2025

    ट्रंप की धमकी से पनामा सेहमा, चीन की BRI परियोजना को आगे न बढ़ाने का किया ऐलान

    February 3, 2025

    US Plane Crash: शवों की संख्या बढ़ी, राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारी

    February 3, 2025

    मोहम्मद यूनुस का बयान: “हिंदू समुदाय के त्योहारों में शामिल होने की आवश्यकता

    February 3, 2025

    3 दिन में 200 से ज्यादा भूकंप के झटके, ग्रीस में बड़ी तबाही का खतरा

    February 3, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.