Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Monitor 24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Monitor 24
    Home»देश»Chief Minister साहब के एक फैसले पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- मुख्यमंत्री हैं तो क्या कुछ भी करेंगे…
    देश

    Chief Minister साहब के एक फैसले पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- मुख्यमंत्री हैं तो क्या कुछ भी करेंगे…

    By September 5, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Chief Minister साहब के एक फैसले पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- मुख्यमंत्री हैं तो क्या कुछ भी करेंगे…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सरकारों के प्रमुखों से ‘पुराने दिनों के बादशाह’ होने की अपेक्षा नहीं की जा सकती और हम ‘सामंती युग’ में नहीं हैं।

    इसके साथ ही न्यायालय ने उत्तराखंड के वन मंत्री और अन्य की राय की अनदेखी करते हुए एक आईएफएस अधिकारी को ‘राजाजी टाइगर रिजर्व’ का निदेशक नियुक्त करने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी सवाल खड़े किए।

    हालांकि, राज्य सरकार ने जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ को बताया कि भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी को इस अभयारण्य का निदेशक नियुक्त करने का आदेश तीन सितंबर को वापस ले लिया गया। पीठ ‘जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व’ के पूर्व निदेशक आईएफएस अधिकारी राहुल को राजाजी टाइगर रिजर्व का निदेशक नियुक्त करने से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी।

    न्यायालय ने कहा कि प्रथम अधिकारी की ओर से एक विशेष नोटिंग की गई थी कि राहुल को राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक के रूप में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए और इसे उप सचिव, प्रमुख सचिव और राज्य के वन मंत्री ने भी मंजूरी दी थी। पीठ ने कहा, ‘इस देश में सार्वजनिक विश्वास जैसा कुछ सिद्धांत मौजूद है। कार्यपालिका के प्रमुखों से पुराने दिनों के बादशाह होने की अपेक्षा नहीं की जा सकती कि उन्होंने जो भी कहा है, वही करेंगे।’ न्यायालय ने यह भी कहा, ‘हम सामंती युग में नहीं हैं।’

    पीठ ने पूछा, ‘मुख्यमंत्री को उनसे (अधिकारी से) विशेष स्नेह क्यों होना चाहिए?’ शीर्ष अदालत ने यह भी कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि वह मुख्यमंत्री हैं, क्या वह कुछ भी कर सकते हैं?’ इसने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही लंबित है।

    ‘नोटिंग’ में की गई इस टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए कि अधिकारी को राजाजी टाइगर रिजर्व में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए, न्यायालय ने कहा कि मुख्यमंत्री ‘बस इसे अनदेखा कर रहे हैं’।

    न्यायालय ने कहा, ‘यदि आप डेस्क अधिकारी, उप-सचिव, प्रधान सचिव, मंत्री से असहमत हैं, तो कम से कम यह तो अपेक्षित है ही कि इस बात पर विचार किया जाए कि वे लोग प्रस्ताव से असहमत क्यों हैं।’

    राज्य सरकार की ओर से न्यायालय में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एन. एस. नाडकर्णी ने कहा कि (संबंधित आईएफएस) अधिकारी के खिलाफ राज्य पुलिस या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है।

    अधिवक्ता ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही ‘कॉर्बेट टाइगर रिजर्व’ से संबंधित है, जहां कई अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था।

    नाडकर्णी ने कहा, ‘वह अच्छे अधिकारी हैं। वास्तव में, कोई और उन्हें निशाना बना रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘आप ऐसे अच्छे अधिकारी की बलि नहीं चढ़ा सकते, जिसके खिलाफ कोई मामला नहीं है।’

    न्यायालय ने वकील से पूछा, ‘यदि कुछ नहीं है, तो आप उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही क्यों कर रहे हैं?’ इसने कहा कि जब तक कोई प्रथम दृष्टया साक्ष्य न हो, तब तक किसी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू नहीं की जाती।

    न्यायालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने सभी की सलाह के खिलाफ काम किया है।’ नाडकर्णी ने कहा कि न तो पुलिस और न ही सीबीआई एवं ईडी जैसी जांच एजेंसियों और न ही केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने अधिकारी को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा, ‘केवल एक चीज जो उनके खिलाफ है, वह है अनुशासनात्मक कार्यवाही, जिसमें सभी (अन्य अधिकारियों) को आरोपपत्र जारी किया गया है।’

    पीठ ने कहा, ‘जब तक उन्हें विभागीय कार्यवाही में दोषमुक्त नहीं किया जाता, आप उन्हें अच्छे अधिकारी का प्रमाणपत्र नहीं दे सकते।’ सुनवाई के दौरान पीठ ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि उत्तराखंड के वन मंत्री और मुख्य सचिव ने राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक के रूप में संबंधित अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।

    पीठ ने कहा, ‘आपने यह धारणा तैयार की कि समाचार पत्र की खबर सही नहीं है। जब हमने नोटिंग देखी, तो समाचार पत्र की खबर में कोई त्रुटि नजर नहीं आई। समाचार पत्र में जो भी बताया गया है, वह तथ्यात्मक रूप से सही है।’

    ‘समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि मुख्य सचिव और वन मंत्री दोनों ने आपत्ति जताई और उस आपत्ति के बावजूद मुख्यमंत्री ने उसे खारिज कर दिया। इसलिए उस खबर में कुछ भी गलत नहीं है।’ पीठ ने कहा कि नाडकर्णी ने राज्य सरकार द्वारा जारी तीन सितंबर के आदेश की एक प्रति उसके समक्ष रखी है, जिसके तहत राहुल को राजाजी टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में नियुक्त करने का आदेश वापस ले लिया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा, ‘इसे देखते हुए, किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है। कार्यवाही बंद की जाती है।’

    The post Chief Minister साहब के एक फैसले पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- मुख्यमंत्री हैं तो क्या कुछ भी करेंगे… appeared first on .

    Related Posts

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    क्या अब गांव का कचरा भी हम देखें? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

    November 18, 2025

    पद्मिनी को परेशान किया तो धमाका कर दूंगा: मेट्रो स्टेशन को मिला धमकीभरा मेल

    November 18, 2025

    बिहार में कांग्रेस की 6 सीटें जीतने पर घमासान, INDIA गठबंधन के नेताओं ने कसा तंज

    November 18, 2025

    बेंगलुरु: ₹145 के वेज सैंडविच में मिला झींगा, स्विगी-रेस्टोरेंट पर ₹1 लाख का मुआवजा

    November 18, 2025

    SC की चेतावनी: आरक्षण 50% से ज्यादा हुआ तो चुनाव रोकने तक जा सकते हैं कदम

    November 18, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.