Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Monitor 24
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    News Monitor 24
    Home»देश»दिहाड़ी मजदूरी करते थे सरबेश्वर बासुमतारी, खेती में किया ऐसा कमाल कि जीत लिया पद्मश्री…
    देश

    दिहाड़ी मजदूरी करते थे सरबेश्वर बासुमतारी, खेती में किया ऐसा कमाल कि जीत लिया पद्मश्री…

    By January 30, 2024No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    दिहाड़ी मजदूरी करते थे सरबेश्वर बासुमतारी, खेती में किया ऐसा कमाल कि जीत लिया पद्मश्री…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    असम में रहने वाले 61 वर्षीय आदिवासी किसान सरबेश्वर बासुमतारी का एक दिहाड़ी मजदूर से पद्मश्री जीतने तक का सफर मुश्किलों और बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा।

    पद्मश्री देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसके लिए बासुमतारी को नामित किया गया है।

    चिरांग जिले के दूर-दराज में स्थित पनबारी गांव में रहने वाले बासुमतारी मिश्रित एकीकृत खेती में सभी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में उभरे हैं।
        
    एकीकृत खेती का मतलब एक ही खेत में सभी प्रकार की खेती से है, जिसमें फलों व सब्जियों की खेती, मुर्गीपालन और दूसरी चीजों की खेती की जाती है। बोडो समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बासुमतारी को चिरांग का कृषि चिराग नाम से भी जाना जाता है।

    बासुमतारी ने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे के एक परिवार का सदस्य होने के नाते मैंने केवल प्राथमिक स्तर तक ही पढ़ाई की और उच्च शिक्षा की कमी की वजह से कृषि क्षेत्र में मुझे अपने अपने सफर के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

    उन्होंने कहा,उस दौरान मुझे बोडोलैंड क्षेत्र में उग्रवाद की समस्याओं के साथ-साथ भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।

    बासुमतारी ने कहा, जिन बाधाओं को मुझे पार करना था उसमें कृषि में निवेश के लिए पर्याप्त धन की कमी, उचित सुविधाओं की कमी और वैज्ञानिक तरीकों के ज्ञान की कमी शामिल थी क्योंकि चिरांग एक पिछड़ा क्षेत्र था।
        
    इच्छाशक्ति, ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत से उन्होंने इन चुनौतियों पर काबू पा लिया।  पद्मश्री के लिए नामित किसान ने कहा कि जिला और राज्य स्तर पर अधिकारियों के निरंतर समर्थन और सहयोग से उन्हें अपने कृषि कार्य में मदद मिली।

    उन्होंने कहा, वर्ष 1995 से मैंने बेरोजगार युवाओं को कृषि में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। मैंने उनकी रुचि बढ़ाने के लिए उदाहरण पेश करने की कोशिश की।
        
    बासुमतारी ने कहा, यह पुरस्कार जीतना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। यह अभी भी मेरे लिए एक सपना है। अब मेरी इच्छा युवा पीढ़ी को कृषि, नर्सरी या बागवानी क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की है।

    बासुमतारी ने कहा कि अगर लोग मन लगाकर और दृढ़ संकल्प के साथ किसी काम पर लगे रहें तो सफलता जरूर मिलेगी।

    बासुमतारी को वर्ष 2022-23 के लिए असम सरकार के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार असम गौरव से भी सम्मानित किया गया था।

    Related Posts

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    क्या अब गांव का कचरा भी हम देखें? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

    November 18, 2025

    पद्मिनी को परेशान किया तो धमाका कर दूंगा: मेट्रो स्टेशन को मिला धमकीभरा मेल

    November 18, 2025

    बिहार में कांग्रेस की 6 सीटें जीतने पर घमासान, INDIA गठबंधन के नेताओं ने कसा तंज

    November 18, 2025

    बेंगलुरु: ₹145 के वेज सैंडविच में मिला झींगा, स्विगी-रेस्टोरेंट पर ₹1 लाख का मुआवजा

    November 18, 2025

    SC की चेतावनी: आरक्षण 50% से ज्यादा हुआ तो चुनाव रोकने तक जा सकते हैं कदम

    November 18, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नशामुक्त अभियान देश को खुशहाल बनाने का अभियान : मंत्री कुशवाह

    November 18, 2025

    नियमित फॉलोअप करें और समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    November 18, 2025

    फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

    November 18, 2025

    एमपी ट्रांसको के 48 वर्ष पुराने पिपरिया 132 के.वी. सब स्टेशन का रिमॉडलिंग कार्य पूर्ण

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.